*देहरादून के मेजर उत्थान सिंह पुण्डीर को सेना मैडल*
लद्दाख मई 2020 की दोपहर चीनी सैनिकों द्वारा भारतीय सीमा पर घुसपैठ की सूचना जैसे ही कुमाऊँ रेजिमेंट के मेजर उत्थान सिंह पुण्डीर को मिली , वो तुरंत अपनी सैन्य टुकड़ी के साथ चीनी सैनिकों को भारतीय सीमा से पीछे धेकेलने पहुँच गए । इस मुठभेड़ में बुरी तरह घायल होनेके बावजूद वो दुश्मनों को खदेड़ने में सफल रहे , जबकी चीनी सैनिकों की संख्या इनसे कई गुना अधिक थी । इस घटना में मेजर उत्थान सिंह पुण्डीर के सिर पर गंभीर चोटें आई जिसमें उन्हें 104 टांके लगे और एक हाथ भी बुरी तरह टूट गया । इस घायल अवस्था मे भी वो बर्फ़ीली चोटियों की दुर्गम पहाड़ियों में 3 किलोमीटर का कठिन रास्ता तय कर अपनी सैन्य टुकड़ी को बिना किसी नुकसान के पोस्ट पर वापस लाने में सफल रहे । उनकी इस वीरता के लिए उन्हें भारत सरकार द्वारा 26 जनवरी 2021 को सेना मेडल से सम्मानित किया गया ।
कौलागढ़ देहरादून उत्तराखंड के निवासी मेजर उत्थान सिंह पुण्डीर पिछले 10 वर्ष से सेनामें तैनात है। उन्हें पहले भी वीरता के लिए चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ कमेंदशन कार्ड और बैटल कासुअल्टी से नवाजा जा चुका है ।
वर्तमान में इनके पिता डॉ उदय सिंह पुण्डीर ( उपाध्यक्ष महानगर बीजेपी देहरादून) चिकित्सक है व इनकी माताजी श्रीमती प्रतीक्षा पुण्डीर सरकारी स्कूल में अध्यापिका है ।
देहरादून के इस वीर सपूत पर इनके माता पिता ही नही पूरे उत्तराखंड को गर्व है ।
मेजर उत्थान सिंह पुण्डीर सेना मैडल को बधाई देने के लिए +91 8077310163


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