डॉ आचार्य सुशांत राज जी महाराज ने एक इंटरव्यू में गोर्खा इंटरनेशनल के संपादक संजय मल्ल को बताया कि काल भैरव अष्टमी मंगलवार आज 19 नवंबर को है जो कि तंत्र साधना के लिए अति उत्तम माना जाता है। उनके बताया कि भैरव बाबा भगवान शिव के ही अवतार है और उनकी साधना से भक्तों के कष्ट दूर हो जाता है । मार्गशिर्ष कृष्ण पक्ष अश्टमी को भगवान शिव ने भैरव बाबा के रूप धारण किया था।
डॉ आचार्य सुशांत राज जी महाराज एक उच्च स्तरीय ज्योतिष शास्त्र के ज्ञाता भी है । उनके द्वारा कई उच्च नेताओं व उच्च स्तरीय नेतृत्व को किये गए भविष्य वाणी सच्चे साबित हुए ।
उनके द्वारा विशेष ध्यान पूजा अर्चना उत्तराखंड इंद्रेश्वर शिव मंदिर व नव ग्रह शनि मंदिर दांडी गढ़ी कैंट निकट पोस्ट ऑफिस में सदैव किया जाता है ।
आम भक्त भी साधना में अपना योगदान अंशदान कर भैरव बाबा का आशीर्वाद प्राप्त कर सभी प्रकार के कष्टों से मुक्ति प्राप्त कर सकते है ।
आज रात को भैरव बाबा रूपी शिव भगवान की आराधना पूरी रात जागरण भजन कीर्तन आरती व्रत साधना करके किया जाता है । काले कुत्ते को भोजन का भी विशेष महत्व है ।
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