देश भर की तरह है उत्तराखंड में भी कोरोना के टीके का शुभारंभ हो चुका है और हेल्थ केयर वर्कर्स को वैक्सीनेशन दिया जा रहा है। देहरादून में सबसे पहला टीका शैलेंद्र द्विवेदी को लगा है शैलेंद्र द्विवेदी दून मेडिकल कॉलेज में तैनात हैं और उन्होंने टीका लगने के बाद खुद को पूरी तरह से स्वस्थ बताया है। दरअसल प्रदेशभर के 33 सेंटर पर कोरोना की वैक्सीन के टीके लगाए जा रहे हैं और प्रत्येक सेंटर पर 100 लोगों को वैक्सीन लगाने का लक्ष्य रखा गया है।
मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा आज विश्व के सबसे बड़े टीकाकरण अभियान का शुभारम्भ किया गया है। राज्य को पहले चरण में एक लाख 13 हजार वैक्सीन उपलब्ध हुई है। 50 हजार स्वास्थ कर्मियों के टीकाकरण से इसकी शुरूआत की जा रही है। इसके बाद फ्रंट लाईन वर्कर, 50 वर्ष से अधिक आयु के लोगों एवं को- माॅर्बिड का वैक्सीनेशन किया जायेगा। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य कर्मियों ने विषम परिस्थितियों में कार्य करते हुए कोरोना महामारी को काफी हद तक नियंत्रित किया। अपनी जान की परवाह किये बगैर उन्होंने जन सेवा की। दून मेडिकल काॅलेज द्वारा मृत्युदर कम करने के लिए सराहनीय प्रयास किये गये।
मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि चरणबद्ध तरीके से सभी लोगों का कोविड टीकाकरण किया जायेगा। उन्होंने जनता से अपील की कि टीकाकरण के लिए भ्रामक प्रचार और अफवाहों से बचें। कोविड से बचाव के लिए टीकाकरण के बाद भी पूरी सतर्कता बरती जाय, क्योंकि 28वें दिन में दूसरा टीका लगने के बाद 02 सप्ताह एण्टी बाॅडी विकसित होने में लगते हैं। तब तक बहुत सतर्क रहने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि कुंभ मेले के दृष्टिगत 20 हजार अतिरिक्त वैक्सीन के लिए केन्द्र सरकार से अनुरोध किया गया है।
इस अवसर पर मेयर श्री सुनील उनियाल गामा, विधायक श्री खजानदास, स्वास्थ्य सचिव श्री अमित नेगी, प्रभारी सचिव डाॅ. पंकज पाण्डेय, महानिदेशक स्वास्थ्य डाॅ. अमिता उप्रेती आदि उपस्थित थे।

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