उत्तराखंड DGP अशोक कुमार ने अपने प्रथम प्रेस कॉन्फ्रेंस "प्रेस से मिलिए" में कहा कि उनकी प्राथमिकता गरीबों को भी न्याय दिलाना है । वो कररेप्शन में जीरो टॉलरेन्स है । जो भी कानून व्यवस्था में बाधक या तोड़ेगा उसके विरुद्ध कारवाही होगी चाहे वो कितना बड़ा हो या पुलिस से ही क्यो न हो ।
उन्होंने बताया कि जिस तरह विदेशो में एक पुलिस के सिपाही भी जो अपनी ड्यूटी निभा रहा होता है तो पूरी पुलिस फ़ोर्स की ताकत उसके पीछे होती है लेकिन यहां लोगो को उससे कानून व्यवस्था बनाये जाने के लिए एक चालान काटने में भी अपनी पोजीशन छोटी होती दिखाई देती है।
पुलिस जन का भी ख्याल रखा जायेगा । इन्सपेक्टर के थानों में सब इन्सपेक्टर नही प्रभारी बनाये जाएगा । साप्ताहिक अवकाश उनको एक दिन आराम करने के लिए दिया जायेगा । समय से पहले ट्रांसफर नही होगा और ट्रांसफर में उच्चस्तरीय अधिकारियों की दखल कम होगी ।
उत्तराखंड में महिलाओं की सुरक्षा व्यवस्था ओर राज्यों से बेहतर है और इसे ओर ध्यान देकर अच्छा बनायेगे ।
साइबर क्राइम के लिए भी बहुत ज्यादा ट्रेनिंग देने की जरूरत है । साइबर वॉलेंटियर भी मददगार साबित होते है ।
उत्तराखंड में जहाँ भी रेवेन्यू पटवारी की जगह भी पुलिस थाना खोलने की जरूरत होगी वो खोलेगे ।
पुलिस कैडेट को भी वर्दी दिया जायेगा ।
सिविल डिफेंस और होमगार्ड्स ने भी अच्छा योगदान दिया है।
उन्होंने कहा कि उन्हें उत्तराखंड पसंद है और दो साल तक वो DGP रहेंगे ही आगे भी उत्तराखंड में ही रहना चाहते हैं ।









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