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उत्तराखंड में बढ़ते कोरोना संक्रमण को देखते हुए मुख्यमंत्री श्री तीरथ सिंह रावत ने सरकार के सभी मंत्रियों को कोविड-19 की रोकथाम के प्रबंधन एवं अनुश्रवण हेतु जिलेवार जिम्मेदारी सौंपी है।
मुख्यमंत्री श्री तीरथ सिंह रावत के निर्देशानुसार कैबिनेट मंत्री श्री सतपाल महाराज जी को हरिद्वार, कैबिनेट मंत्री डॉ हरक सिंह रावत को पौड़ी एवं रुद्रप्रयाग, कैबिनेट मंत्री बंशीधर भगत जी को नैनीताल, कैबिनेट मंत्री श्री यशपाल आर्य जी को उधम सिंह नगर, कैबिनेट मंत्री श्री सुबोध उनियाल जी को टिहरी, कैबिनेट मंत्री श्री विशन सिंह चुफाल जी को बागेश्वर एवं पिथौरागढ़ की ज़िम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा कैबिनेट मंत्री श्री गणेश जोशी जी को देहरादून, कैबिनेट मंत्री श्री अरविंद पांडे जी को चंपावत, राज्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत जी को चमोली, राज्यमंत्री श्रीमती रेखा आर्य को अल्मोड़ा एवं राज्यमंत्री स्वामी यतिश्वरानंद जी को उत्तरकाशी जिले की जिम्मेदारी सौंपी गई है.
मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने सभी मंत्रीगणों से अपेक्षा की है कि वे तत्काल अपने-अपने जिलों की जिम्मेदारी लेते हुए, सम्बंधित जिलाधिकारीयों से सरकार की तरफ से समन्वय बनाएँ, इसके साथ ही कोविड 19 की रोकथाम से संबंधित हर संभव कदम उठायें।

कोविड प्रभारी मंत्री के रुप में देहरादून के विधायकों एवं अधिकारियों की बैठक लेते काबीना मंत्री गणेश जोशी

कोविड जैसी वैष्विक आपदा में सभी कर रहे कार्य: गणेश जोशी।




देहरादून, 30 अप्रैल 2021, कोविड के बढ़ते संक्रमण पर प्रभावी रोकथाम के लिए देहरादून जनपद का प्रभारी बनाये जाने के बाद कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने जनपद के विधायकों एवं अधिकारियों की बैठक ली। मंत्री ने कहा कि यह वैश्विक आपदा है और मुझे लगता है कि सभी जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी अपनी क्षमतानुसार कार्य कर रहे हैं।

देहरादून के बीजापुर गेस्ट हाउस में आयोजित बैठक के दौरान मंत्री ने जिलाधिकारी को निर्देशित किया कि माइक्रो कंटेनमेंट जोन बनाये जाए ताकि उनकी प्रभावी रुप से देखरेख हो सके। उन्होनें नगर आयुक्त को निर्देशित किया कि सेनिटाइजेशन के कार्य को वृहद स्तर पर किया जाए। इस हेतु वार्डो के पार्षदगणों के साथ समन्वय बनाकर कार्य करने को कहा। छावनी परिषद क्लेमनटाउन को 10 कंसन्ट्रेटर देने, मेहंवाला, प्रेमनगर, मसूरी, कोरोनेशन अस्पतालों में आक्सीजन प्लांट लगाने पर भी वार्ता हुई। मंत्री ने कहा कि शहर से भी गैस वैल्डिग वालों से सम्पर्क कर उनसे सिलेण्डर लिया जा सकता है ताकि किसी की जान बचायी जा सके।

मंत्री ने जिलाधिकारी को कहा कि प्रवासियों एवं औद्योगिक क्षेत्र में कार्य करने वाले मजदूरों को कैसे उनके स्थानों पर रोका जाए, इसके लिए भी तैयारियां करें। उनकी रोजगार में कोई दिक्कत न हो, यह भी प्रयास हम सभी को करने हैं। 18 से 45 वर्ष तक के नागरिकों के कोविड टीकाकरण अभियान को प्रभावी बनाने के लिए भी तैयारियां करें। उन्होनें कोविड किट वितरण में तेजी लाने के निर्देश भी दिये। 

      जिलाधिकारी ने प्रभारी मंत्री को बताया कि देहरादून जनपद में लगभग 3500 आक्सीजन बेड हैं और लगभग 600 आईसीयू हैं। उन्होनें बताया कि 4000 आक्सीजन सिलेंडर हैं, जो अस्पतालों को रोटेशन के आधार पर प्रदान किये जाने रहे हैं। 

      इस अवसर पर कैंट विधायक हरबंश कपूर, राजपुर विधायक खजानदास, धर्मपुर विधायक विनोद चमोली, मेयर सुनील उनियाल गामा, जिलाधिकारी डा0 आशीष कुमार श्रीवास्तव, नगर आयुक्त विनय शंकर पाण्डेय, सीईओ कैंट तनु जैन, स्वास्थ्य निदेशक भारती राणा उपस्थित रहे।

सचिव श्री पंकज कुमार पाण्डेय ने बताया कि रिमिडीसिवर इंजेक्शन के रेट तय करते हुए अस्पतालों को उसी दामों पर इंजेक्शन देने के लिए निर्देशित किया गया है।उन्होंने बताया कि इंजेक्शन और ऑक्सीजन सिलेंडर की कालाबाजारी हेतु कंट्रोल रूम की व्यवस्था की गई है। आम जनता काला बाज़ारी हेतु इन नम्बरों 0135 2656202, 9412029536 इन नंबरों के जरिए आम आदमी दवाओं की कालाबाजारी शिकायत कर सकते हैं।

सचिव स्वास्थ्य श्री पंकज कुमार पाण्डेय ने यह भी बताया कि प्रदेश में रिमिडीसिवर इंजेक्शन की पर्याप्त व्यवस्था कर दी गई है। राज्य सरकार द्वारा केंद्र को पत्र लिखते हुए अतिरिक्त इंजेक्शन की मांग की गई है।

राज्य सरकार ने रैपिड एंटीजन टेस्ट की दर को भी कम करते हुए अब मात्र ₹300 कर दिया गया है

गढ़वाल में ऋषिकेश और  कुमाऊ में हल्द्वानी में जल्द तैयार होंगे दो अस्थाई अस्पताल

प्रदेश में कोरोना संक्रमण को लेकर राज्य सरकार लगातार प्रयास कर रही है। राज्य सरकार ने दो दिनों में 7 मिड लेवल अस्पतालों की अतिरिक्त व्यवस्था की हैं जिसके बाद राज्य में 700 ऑक्सीजन सपोर्टेड बेड, 39 आईसीयू और दो वेंटीलेटर अतिरिक्त बढ़ गए हैं। सचिव स्वास्थ्य श्री पंकज कुमार पांडेय ने मीडिया सेंटर में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए बताया कि बीते राज्य सरकार के पास वर्तमान में 12 कोविड अस्पताल,62 डीसीएससी और 385 कोविड केयर सेंटर काम कर रहे हैं। सचिव स्वास्थ्य ने बताया कि राज्य में 17 हजार के करीब अस्पतालों में बेड हैं जबकि 5500 ऑक्सीजन सपोर्टेड बेड, 1302 आईसीयू बेड, 774 वेंटिलेटर कोविड के लिए इस्तमाल किए जा रहे हैं।

सचिव श्री पंकज कुमार पांडेय ने बताया कि मुख्यमंत्री जी द्वारा भारत सरकार को अनुरोध किया गया था जिसके बाद डीआरडीओ की मदद से दो अस्थाई अस्पताल बनने जा रहे हैं। कुमाऊ क्षेत्र के लिए यह अस्पताल हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज कैम्पस में बनेगा जिसे सुशीला तिवारी अस्पताल  संचालित करेगा। इसके अलावा गढ़वाल क्षेत्र के लिए अस्थाई अस्पताल आईडीपीएल ऋषिकेश में बनेगा जिसे एम्स ऋषिकेश संचालित करेगा। इन दोनों अस्थाई अस्पतालों में 500 -500 बैड की क्षमता होगी। हल्द्वानी में बनने वाले अस्थाई अस्पताल में 400 ऑक्सीजन बेड एवं 100 आईसीयू बेड बनाए जाएंगे, जबकि आईडीपीएल ऋषिकेश में 500 बेड ऑक्सीजन सपोर्टेड बनेंगे तथा राज्य सरकार की मदद से एम्स ऋषिकेश में 100 आईसीयू बेड अलग से बनाए जाएंगे। इसके अलावा हिमालय अस्पताल जौलीग्रांट में डीआरडीओ की मदद से ऑक्सीजन सपोर्टेड 400 बेड तैयार किए जाएंगे। सचिव पंकज पांडे ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग को पूरी उम्मीद है कि अगले कुछ दिनों के भीतर डीआरडीओ की मदद से ऑक्सीजन और आईसीयू सपोर्टेड 1400 नए बेड तैयार हो जायेगे ।

इसके अलावा सचिव स्वास्थ्य श्री पंकज कुमार पाण्डेय ने बताया कि सरकार ने कोविड सम्बंधी जरूरी व्यवस्थाओं हेतु अधिकारियों को अलग-अलग जिम्मेदारी देते हुए नोडल अधिकारी तैनात किया गया है, जिनसे रोजाना कार्य प्रगति रिपोर्ट अपर मुख्य सचिव श्रीमती मनीषा पंवार द्वारा ली जाती है। यह भी बताया कि प्रदेश के नर्सिंग छात्रों को जिलेवार मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी के माध्यम से तैनाती दी जा रही है। 

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