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          भारत दुनिया के उन चुनिंदा देशों में है जहां करोड़ों कोविड वैक्सीन लगने को तैयार हैं. भारत दुनिया का इकलौता देश होगा जहां दो कम्पनियों की वैक्सीन तैयार है और चार लाइन में हैं. दुनिया का इकलौता देश है जहां पाँच करोड़ वैक्सीन तैयार रखी हैं गोदाम में, दस करोड़ अब हर महीने बनने वाली हैं और मार्च से हर महीने तीस करोड़ वैक्सीन बननी आरम्भ हो जाएँगी.  ब्राज़ील, अरब, साउथ अफ़्रीका समेत दसियों देश भारत की कम्पनियों को ऑर्डर दे चुके हैं वैक्सीन सप्लाई का. जर्मनी जैसे ढेरों देश मक्खन बाज़ी में लगे हैं कि हमें ना भूलो, हम भी हैं लाइन में. संक्षेप में कोविड वैक्सीन के मामले में भारत दुनिया का सबसे अग्रणी देश है.
 
          आपदाएँ पहले भी आई हैं. दिल पर हाथ रख कर बताइए कभी सोच भी सकते थे कि हेल्थ केयर की आपदा में भारत विश्व का सबसे अग्रणी राष्ट्र होगा समाधान दिखाने में? यह वही भारत है जहां के हेल्थ सिस्टम की दुर्दशा किसी से छिपी नहीं. यह वही भारत है जो कोविड आने के पूर्व तक एक N95 मास्क तक ना बना पाता  था, आज पूरी दुनिया को मास्क ही नहीं, वैक्सीन भी सप्लाई कर रहा है. चीन की ओरिजिनल योजना थी कि कोविड की वैक्सीन पूरे विश्व को उससे ख़रीदनी पड़ेगी - आज हालत यह कि पाकिस्तान तक चीन की वैक्सीन मुफ़्त में भी लेने को तैयार नहीं.
 
          दुश्मन देश पाकिस्तान के अख़बार पढ़िए. वह अभिभूत हैं भारत की सफलता से. उनके अख़बार लिखते हैं कि जब हम करोना से अचंभित थे, तो भारत R&D कर रहा था. आज हमें बस दस लाख वैक्सीन ख़रीदने की औक़ात है और हम इंतज़ार कर रहे हैं कि कब WHO मुफ़्त बाँटना चालू करे, जो दो साल बाद होगा. उसमें भी जो वादा है, उतने से केवल बीस प्रतिशत लोगों को वैक्सीन लग पाएगी. वह लिख रहे हैं कि कभी भारत भी हमारी तरह ही मुफ़्त की वैक्सीन का इंतज़ार करता था, आज देखो.
 
          वैसे यह बात पूरी दुनिया देख रही है, सराह रही है सिवाय कुछ भारतीय विपक्ष के  नेताओं के. 
 
          यक़ीन मानिए, इस कोविड आपदा काल में भारत वाक़ई विश्व गुरु बन कर सामने आया है. एक दमदार सरकार कैसे काया पलट देती है, भारत का कोविड रेस्पॉन्स इसका प्रत्यक्ष उदाहरण है.



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भारत में आज से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कोविद19 टीकाकरण वैक्सीनेशन ड्राइव  के महाभियान की शुरुआत सुबह साढ़े दस बजे करेंगे 

कोरोना वैक्सीन लगने के बाद भी नया स्ट्रेन कर सकता है संक्रमित


मास्क  पहनना होगा जरूरी,  सामाजिक दूरी भी बनानी होगी


दिल्ली। भारत  में आज से वैक्सीनेशन ड्राइव शुरू होने जा रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी टीकाकरण के महाभियान की शुरुआत सुबह साढ़े दस बजे करेंगे। वहीं प्रधानमंत्री को-विन एप भी लांच करेंगे। पहले चरण में हेल्थ केयर वर्कर्स को वैक्सीन दी जाएगी। जनवरी के अंत में फ्रंट लाइन वर्कर्स को भी वैक्सीन देने की तैयारी में स्वास्थ्य मंत्रालय जुट गया है। जानकारों का कहना है कि वैक्सीन लगने के बाद भी मास्क लगाना और दो गज की दूरी के नियम का पालन करना बेहद जरूरी है। क्योंकि कोरोना वायरस का नया स्ट्रेन टीकाकरण के बाद भी असर डाल सकता है। 

स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार सभी राज्यों को 26 जनवरी तक सारे फ्रंट लाइन वर्कर्स का डाटा जमा करने का निर्देश दिया गया है। सभी फ्रंटलाइन वर्कर्स को को-विन एप अपलोड करने के लिए भी कहा गया है। जब ये पूरा डेटा अपलोड हो जाएगा, उसके दो से तीन दिन बाद फ्रंट लाइन वर्कर्स का भी वैक्सीनेशन शुरू हो जाएगा। पूरे देश ये कार्यक्रम जनवरी के अंत में शुरू होने की उम्मीद है। देश में करीब दो करोड़ फ्रंट लाइन वर्कर्स हैं।  

जानकारी के अनुसार, टीकाकरण शुरू होने के दो से तीन दिन में राष्ट्रीय कोविड टास्क फोर्स के प्रमुख प्रो. वी.के. पॉल और एम्स निदेशक प्रो. गुलेरिया कोविड से बचाव के लिए वैक्सीन ले सकते हैं। जिन्हें सर्दी, खांसी या जुकाम है, ऐसे लोगों को वैक्सीनेशन के लिए आने से मना किया गया है। भले ही यह वायरल हो, क्योंकि ऐसी स्थिति में टीकाकरण नहीं किया जा सकता है। जिनके पास एंड्रॉयड फोन नहीं होगा, वे अपने रिश्तेदार या दोस्त का फोन इस्तेमाल कर सकते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि टीकाकरण के दोनों डोज के बाद इसी नंबर पर क्यूआर कोड आएगा, जिससे टीका लगने के बाद प्रमाण-पत्र डाउनलोड किया जा सकेगा।

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